उज्जैन/आई संवाद/ गर्मी का भीषण प्रकोप जारी है, ऐसे में अगर कोई अग्नि को जलाकर उसके बीच में बैठा हो तो, उसको देखकर रुह कांप जाएगी, लेकिन ये बिल्कुल सही है, कि ऐसा ही नजारा बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में दिखाई दे रहा है, जहां पर 42 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी में संतों का अग्नि स्नान जारी है। भीषण धूप में शरीर पर ना के बराबर वस्त्र ओढ़े ये साधू अग्नि स्नान कर अपनी अद्भुत सहनशक्ति का परिचय देते नजर आ रहे हैं। जिसे उनकी भाषा में धूनी रमाना कहते हैं, जोकि एक कठोर तप साधना का हिस्सा होता है।
निनोरा में सिंहस्थ सा नजारा
उज्जैन के ग्राम निनोरा में एक किसान के खेत में संतों ने डेरा डाल रखा है, जहां पर संतों की अनोखी तपस्या जारी है, इसे देखने और अद्भुत संतों के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आ रहे हैं। वहीं कुछ दिन पहले टाटम्बरी बाबा भी अपने 20 शिष्यों के साथ आए हैं, वो भी गहन साधना में लीन है। जानकारी के मुताबिक संतों का अग्नि स्नान गंगा दशहरा तक चलेगा। संतों का कहना है कि वो मानव कल्याण के लिए कठोर तप का सहारा ले रहे हैं।
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टाटम्बरी बाबा के साथ 18 साल का महामंडलेश्वर
स्थानीय लोगों ने बताया कि संत टाटम्बरी सरकार वर्ष 1992 से लगातार निनोरा में आकर धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कर रहे हैं, इस बार भी वे विशेष रूप से नर्मदा पुराण कथा के आयोजन में शामिल होने पहुंचे हैं। उनके लिए कहा जाता है कि उनका आशीर्वाद कष्टों से मुक्ति दिलाता है। इसी बीच प्रयागराज कुंभ में चर्चा में आए सबसे कम उम्र के 18 साल के महामंडलेश्वर भी पहुंचे हैं। जिनका नाम सियाराम दास महाराज है।









