नई दिल्ली/आई संवाद/ राजनीति में सिनेमा और राजनीति का पुराना रिश्ता है, वक्त के अनुसार कई अभिनेता राजनीति में अपना भाग्य आजमाकर लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की सीढ़ियों को चढ़ चुके है। सियासत में टॉलीवुड यानी साउथ फिल्म इंडस्ट्री का अपना ही अलग क्रैज रहा है, क्योंकि वहां के अभिनेता मुख्यमंत्री तक की कुर्सी तक पहुंचे हैं, ताजा उदाहरण तमिलनाडु के नए सीएम थलापति विजय हैं, जिन्होंने दोनों प्रमुख दल डीएमके और एआईडीमेके दोनों को धूल चटाते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी पाई है, ऐसा क्यों है, चलिये यही जानने का करते हैं प्रयास।
साउथ और बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में अंतर
बॉलीवुड और टॉलीवुड दोनों ही फिल्म इंडस्ट्री के स्टार्स का भाग्य सिनेमाघर की खिड़की पर खड़े लोग तय करते हैं, क्योंकि वही अपनी कमाई के हिस्से में से टिकट खरीदकर फिल्म देखने आते हैं, कुछ इसी तरह से सियासत में भी होता है, जब वोटर्स अपना नेता चुनते हैं। खैर बात दोनों क्षेत्रों के फिल्म स्टार्स की चल रही है तो उसमें सबसे बड़ी बात यही निकलकर सामने आती है कि साउथ के स्टार्स एक बड़ा सपना लेकर सियासत में आते हैं, उनका एक विजन होता है, जिसे वो जनता के बीच रखते हैं, बनिस्बत बॉलीवुड के स्टार एक सीट पर जीतकर आने के बाद उसी तक सीमित रह जाते हैं, जिसके चलते वो सियासत में बड़ा मुकाम हासिल नहीं कर पाते हैं। जिसके कई उदाहरण हमारे सामने हैं।
राजनीति में टॉलीवुड हिट
टॉलीवुड स्टार्स में थलापति विजय कोई पहला चेहरा नहीं है जिसने बड़ा मुकाम हासिल किया है, इससे पहले एन.टी रामा राव और जयललिता समेत कई साउथ सिनेमाई स्टार्स मुख्यमंत्री की सीट पर विराजमान हो चुके हैं, कुछ वर्षों में टॉलीवुड के सुपर स्टार पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश की राजनीति में किस्मत आजमाई और आज वो राज्य के उप-मुख्यमंत्री हैं, जबकि उनके बड़े भाई और मेगास्टार चिरंजीवी राजनीति में इतने सफल नहीं हो पाए थे। इसी तरह से कमल हासन ने भी MNM पार्टी बनाई है, जोकि सफल नहीं हो पाए, और उनकी पार्टी ने DMK को समर्थन देकर पल्ला झाड़ लिया। बात करें पुराने वक्त की तो इसमें एमजी रामाचंद्रन (MGR) सबसे बड़ा नाम है, वो साउथ सिनेमा के आइकन और तमिलनाडु के लोगों के लिए भगवान का दर्जा पा चुके हैं। जूनियर एनटीआर के स्टार दादा एनटी राम राव अपने समय के बड़े फिल्मी स्टार थे और राजनीति में भी मुख्यमंत्री बनकर खूब नाम हासिल किया। इनके अलावा खुशबू सुंदर, विजयकांत, नेपोलियन, सीमन और करुणा सिनेमा और राजनीति के जाने-माने नाम हैं।
जल्द दर्शकों को देखने को मिलेगी ‘3 इडियट्स 2’… आमिर खान ने किया काम शुरू
बॉलीवुड के स्टार्स की सियासत में स्थिति
सियासत में बॉलीवुड से सुपर स्टार राजेश खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र, सनी देओल, अमिताभ बच्चन और गोविंदा से जैसे बड़े हीरो ने अपना भाग्य आजमाया। जिनमें महानायक अमिताभ बच्चन का राजनीतिक करियर महज तीन साल (1984-87) का रहा, जबकि वो इलाहाबाद सीट से 10 वोटों के बड़े अंतर से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर आए थे। इसी तरह सुपरस्टार राजेश खन्ना ने साल 1984 में कांग्रेस के लिए प्रचार किया था. वहीं, साल 1992 में वह बॉलीवुड एक्टर शत्रुघ्न के खिलाफ खड़े हुए और जीते भी। फिर भी राजनीति उनके भाग्य में नहीं आई। शत्रुध्न सिन्हा तो कांग्रेस, बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस तीन पार्टियों में रह चुके हैं, वर्तमान में शत्रुघ्न सिन्हा तृणमूल कांग्रेस पार्ट के लोकसभा सांसद हैं। फिर भी उनकी पहुंच महज सांसद तक ही रही। हीरो नंबर वन गोविंदा ने साल 2004 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर दिग्गज राजनेता राम नाईक को हराया था, पर बाद में उन्होंने भी सियासत को बाय-बाय कह दिया। हीमैन धर्मेंद्र भी साल 2004 से 2009 तक वह बीजेपी सांसद रहे, लेकिन संसद में कम उपस्थित होने के चलते उन्हें भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। हालिया दौर में जया बच्चन, हेमा मालिनी और कंगना रनौत जैसे कई बॉलीवुड सिनेमा स्टार्स राजनीति में है, हालांकि उनका भी राजनीतिक भविष्य महज सांसद तक ही नजर आता है।
इंदौर की सड़कों के तीन किस्से… शायद हर शख्स इससे हुआ है रुबरु






