इंदौर/आई संवाद/ किसी समय मालवा मिल चौराहे के नाम से जाना जाने वाला संत बालीनाथ चौराहा अपने-आप में कई इतिहास का गवाह है, कभी मिल की सीटी की आवाज से चौराहे पर बैठे लोगों को पता चलता था कि कितना बजा है, लेकिन कुछ सालों से इस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही थी, जबकि चौराहे का नाम संत बालानीथ के नाम पर दर्ज है, और सामने ही संत श्री की प्रतिमा भी स्थापित है। ऐसे में कई सालों से बैरवा समाज समेत सनातन धर्म से जुड़े अन्य समाज चौराहे पर से शराब की दुकान हटाने की मांग कर रहे थे, वहीं अब दुकान को आबकारी विभाग ने अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया है, जिसके चलते लोगों में काफी खुशी का माहौल है।
आबकारी विभाग से की थी मांग
सामाजिक कार्यकर्ता और RTI एक्टिविस्ट संदीप लोदवाल ने आई संवाद को बताया कि उन्होंने शराब दुकान हटाने को लेकर आबकारी विभाग में आवेदन दिया था, जहां आबकारी अधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल की बात को पूरे ध्यान से सुना। वस्तुस्थिति के साक्ष्य का भी गहनता से अध्ययन किया, जिसमें पाया गया कि चौराहे पर शराब दुकान होना सामाजिक हित में ठीक नहीं है, साथ ही उसके कारण चौराहे पर रात में जाम लगता है, जबकि आसपास अन्य सामान के साथ पूजा सामग्री की भी दुकाने लगती है, इसीलिये विभाग ने तत्काल निर्णय लेते हुए दुकान को शिफ्ट कर दिया।
इन समस्या से कराया था अवगत
- संत बालीनाथ के नाम पर चौराहे का नामकरण हुआ है, जोकि एक आस्था का केंद्र है, इसीलिये धार्मिक महत्व को समझकर दुकान को शिफ्ट किया जाए।
- दुकान के सामने अव्यवस्थित तरीके से ग्राहक वाहन खड़े कर देते हैं, जिसके चलते यातायात बाधित होता है, और जाम की स्थिति निर्मित हो जाती है।
- कई लोग खुलेआम शराब पीते हैं, जबकि चौराहे के आसपास किराने से लेकर पूजा सामग्री तक की दुकानें हैं, महिलाओं और बच्चों को परेशानी होती है।
इन सब समस्याओं के साथ शिकायतकर्ता ने पिछले 1 महीने से साक्ष्य प्रस्तुत किए थे, जिसके आधार पर शराब दुकान को अन्य स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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