भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश की सीएम डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने नई तबादला नीति-2026 पर अपनी मुहर लगा दी है। मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए अहम फैसलों में यह भी विषय शामिल था। प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जून से 15 जून तक तबादले किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने ट्रांसफर पॉलिसी-2026 का ड्रॉफ्ट तैयार किया था, जिसे मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा गया था। कैबिनेट की बैठक में इसको मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। वहीं कैबिनेट पीएम मोदी को नार्वे और स्वीडन के दिए गए सम्मान के लिए शुभकामनाएं दी।
तबादला नीति में ये है खास
विभागीय मंत्री और प्रभारी मंत्री की भूमिका
विभागीय मंत्री एक से दूसरे जिले में तबादलों से जुड़े आवेदनों पर निर्णय ले सकेंगे, और ऑनलाइन तरीके से ही तबादला योग्य पाए जाने पर ऑनलाइन तरीके से सिफारिश करेंगे। प्रभारी मंत्री जिले के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादलों पर निर्णय ले सकेंगे, प्रथम श्रेणी (Class‑I) अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे। वहीं अन्य संवर्गों के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को संबंधित विभागीय मंत्री अनुमोदित कर सकेंगे।
कुल कर्मचारियों की संख्या का रखा जाएगा ख्याल
विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे कुल कर्मचारियों में से 10 से लेकर 20 फीसदी कर्मचारियों में से ही तबादला करने का ध्यान रखेंगे। एक कर्मचारी को समायोजित करने के लिए अगले 2 या 10 कर्मचारियों को प्रभावित न करना पड़े। किसी भी विभाग में 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी दूसरे स्थान से ना आएं, ताकि काम में किसी प्रकार की देरी ना हो, क्योंकि अनुभवी कर्मचारियों का विभाग में होना बेहद जरुरी है।
तबादला नीति में यह भी खास
यदि पति-पत्नी एक ही स्थान पर सेवाएं दे रहे हैं तो उनके साथ रहने की सुरक्षा की जाएगी, अन्य स्थान पर पति-पत्नी के सेवा देने पर एक ही स्थान पर सेवाएं देने का प्रयास किया जाएगा। दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को तबादलों में पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। बीमार शासकीय सेवकों को लेकर उनके परिवार की स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाकर निर्णय लिया जाएगा।
सरस्वती लोक बनाने की तैयारी
कैबिनेट की बैठक में धार जिले के भोजशाला परिसर को मंदिर निर्धारित के उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया गया। कहा गया कि धार के भोजशाला मंदिर की मां वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास केंद्र सरकार के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही सरकार भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर विचार कर रही है। सीएम ने कहा कि करीब 750 वर्ष पुराने इस धार्मिक विवाद पर न्यायालय ने सकारात्मक और शांतिपूर्ण निर्णय दिया है और राज्य सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फैसले का पालन सुनिश्चित करेगी।
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