भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में जल्द राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होने वाले हैं, संख्याबल के आधार पर बीजेपी सीधे-सीधे दो सीटें जीतने की स्थिति में है, लेकिन तीसरी सीट पर मजबूत मानी जा रही कांग्रेस पार्टी के माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही है, क्योंकि उसके सामने कैंडिडेट चुनने की चुनौती तो सामने आ ही रही है, साथ ही क्रॉस वोटिंग का डर भी सता रहा है, आंकड़ों के हिसाब से यह सीट कांग्रेस के लिए सुरक्षित मानी जा रही है, पर बीजेपी की आक्रामक रणनीति का डर भी सता रहा है, क्योंकि अगर हल्का प्रत्याशी उतार दिया गया तो, बीजेपी मजबूत चेहरा उतारकर चुनाव को रोचक बना सकती है।
दावेदारों की लिस्ट लंबी
कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है। पार्टी आलाकमान की नजर में कमलनाथ के मैदान में उतरने के बाद क्रॉस वोटिंग की समस्या से पार पाया जा सकता है, लेकिन उसके बाद छिंदवाड़ा में उपचुनाव होगा, तो बीजेपी उसको भी जीतने की कोशिश करेगी, जिसके चलते कांग्रेस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो सकती है। वहीं राहुल गांधी की पसंद के रुप में मीनाक्षी नटराजन को बताया जा रहा है। इसी तरह दिग्विजय सिंह के नाम के रुप में पीसी शर्मा दावेदार हैं, जबकि सज्जन सिंह वर्मा, कमलेश्वर पटेल और बाला बच्चन जैसे नाम भी चर्चा में बने हुए हैं।
खेल 58 वोटों पर आकर टिका
आने वाले वक्त में मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। दो सीटों पर भाजपा की स्थिति मजबूत है, लेकिन तीसरी सीट के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास तकनीकी स्तर पर 66 विधायक हैं, लेकिन हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के वक्त बीजेपी ने खेल कर दिया था, वहां कांग्रेस की तरफ से क्रॉस वोटिंग के चलते चेतावनी उभरकर सामने आई थी, जिसके चलते कांग्रेस अभी से अंदरुनी नजर बनाए हुए है, हालांकि कुल मिलाकर कैंडिडेट चयन ही तीसरी सीट के लिए महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
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