भोपाल/आई संवाद/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकारी कर्मचारियों को एक और बड़ी सौगात देने वाले हैं। कर्मचारियों से जुड़े दो बड़े नियमों में बदलाव करने की तैयारी है। सरकार ने सालों ‘पहले दो ही बच्चे अच्छे’ वाला नियम लागू किया था, जिसे हटाने पर सहमति बनने के बाद सैकड़ों कर्मचारियों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई थी, जोकि हट जाएगी।
गिफ्ट लेना भी होगा आसान
सरकारी कर्मचारियों के महंगे गिफ्ट लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इस शर्त में भी बदलाव करने की तैयारी चल रही है, ये एक वर्ष के भीतर अपनी एक सैलरी के बराबर गिफ्ट ले सकेंगे, हालांकि ज्यादा कीमती गिफ्ट लेने पर कार्रवाई के दायरे में आएंगे। अधिकारी-कर्मचारियों के निवेश को लेकर सोचने समझने की बात कही गई है।
कमाई का जरिया नहीं बनेगा गिफ्ट
गिफ्ट को कमाई का जरिया बनाने पर भी कई कड़े प्रावधान करने पर विचार चल रहा है, जबकि पुराने नियमानुसार अभी अधिकारी-कर्मचारी 1500 या इससे अधिक का गिफ्ट स्वीकार नहीं कर सकते हैं, जबकि वर्तमान वक्त में विवाह आयोजन, विवाह वर्षगांठ, धार्मिक कार्यक्रमों अशासकीय सेवक को भी महंगे उपहार मिल जाते हैं, ऐसे में समिति ने केंद्र सरकार के नियमों का अध्ययन करने के बाद शर्त को अव्यावहारिक पाया है।
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नौकरी जाने का डर होगा खत्म
कई छोटी जगहों, पदों पर पदस्थ कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के होने की स्थिति में नौकरी जाने का डर सताता रहता था। छिंदवाड़ा के नांदनवाड़ी प्राइमरी स्कूल के टीचर बबलू डांडोलिया नाम के शख्स ने अपने दो से ज्यादा बच्चे होने की स्थिति में बच्चे का जन्म होने पर जंगल में ले जाकर मारने का प्रयास किया, क्योंकि उसको भी नौकरी जाने का डर सता रहा था। वहीं नया नियम लागू होने के बाद इस तरह के मामलों में कमी आएगी। जिससे दो ज्यादा बच्चे वाले सरकारी कर्मचारियों में खुशी का माहौल दिखाई पड़ रहा है।
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