भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में लंबे समय से संविदाकर्मी पिछले चार सालों से मांग कर रहे हैं, उन्हें स्थायी नियुक्ति का इंतजार था, लेकिन मांग पर काफी समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा था, लेकिन अब संविदाकर्मियों को नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। जिसका लाभ अलग-अलग विभागों में पदस्थ करीब डेढ़ लाख संविदाकर्मियों को मिलेगा।इसके लिए सभी विभागों के सेवा भर्ती नियम में संशोधन करके उक्त प्रविधान किया जा रहा है।
पहले नहीं किया था संशोधन
बता दें कि यह प्रावधान संविदा नीति में तो पहले ही कर दिया गया था, लेकिन विभागों ने भर्ती नियमों में संशोधन करने में रुचि नहीं दिखाई। अब सरकार की सख्ती के बाद नियम संशोधित कर लागू किए जाने की योजना पर काम शुरु हो चुका है। संविदा नीति में संशोधन वर्ष 2023 में किया गया। यह प्रावधान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किया गया था, जबकि विधानसभा चुनाव के बाद इस नियम को लागू करने में अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई। जिसागू करने को टलता देख अब सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्ती से नियम लागू करने पर जोर दिया है।
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सीएम डॉ. मोहन यादव ने की थी घोषणा
संविदा कर्मचारियों का भोपाल में महासम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की थी कि सभी प्रविधानों को लागू किया जाएगा। अगर किसी प्रावधान को लेकर समस्या है तो संगठन के पदाधिकारी, वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी बैठकर उसका रास्ता निकालेंगे। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों से संविदा नियम के क्रियान्वयन का फीडबैक मांगा। जिसके बाद अब विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि सरकार ने जब निर्णय ले लिया है तो फिर सेवा भर्ती नियम में संशोधन किए जाएं। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसमें पहल की और नियम संशोधित कर अधिसूचित कर दिए हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा न्यायालय में लंबित मामले इसी विभाग के सामने आए थे।
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