भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक वोटर्स को लेकर नई रणनीति पर काम करना शुरु कर दिया है। जिसके चलते अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया है। आने वाले वक्त में नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें 51 पदाधिकारी शामिल होंगे। नई टीम के साथ मिलकर ‘मिशन मोहब्बत’ चलाया जाएगा, जिसका मकसद हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच भाईचारे को बढ़ावा देना है। इसके जरिए बीजेपी की रणनीति का जवाब देने की तैयारी की जा रही है।
प्रदेशाध्यक्ष शेख अलीम ने दी जानकारी
मप्र कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष शेख अलीम ने बताया कि कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर लिया गया है। वार्ड से लेकर प्रदेश स्तर तक के सभी पदाधिकारियों को हटा दिया गया है। एक महीने के भीतर नई कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा। नई टीम के साथ मिलकर प्रदेशभर में ‘मिशन मोहब्बत’ के जरिए हिंदू-मुस्लिम प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा दिया जाएगा।
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बड़ा आरोप… मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस का ‘क्लीनअप ऑपरेशन’
कांग्रेस आलाकमान के अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी को भंग करने के फैसले को ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ के तहत माना जा रहा है क्योंकि ये एक फेरबदल नहीं है, बल्कि डैमेज कंट्रोल मिशन भी है। पार्टी निर्विवाद चेहरों को आगे लाने के मूड में है। विभाग के पदाधिकारियों का गुटबाजी और विवाद में नाम सामने आने के बाद कई शिकायतें आलाकमान के पास पहुंची थी, जिसके बाद इतना पड़ा कदम उठाया गया। कार्यकारिणी को भंग करने के आदेश पर आबिद कागजी के हस्ताक्षर हैं, जिसे प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, संजय कामले और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी तक भी पहुंचाया गया है।
मध्यप्रदेश भाजपा में महिला मोर्चा पद को लेकर खींची तलवारें… सांसद-विधायक फिर आमने-सामने









