पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बड़ा आरोप... मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बड़ा आरोप… मध्यप्रदेश में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

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भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में लगातार हो रहे बड़े हादसों, सामूहिक मौतों, किसानों की बदहाली, बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार तथा प्रशासनिक अव्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में शासन व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और अब केंद्र सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने की मांग
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें सामूहिक रूप से लोगों की जान जा रही है। यह केवल हादसे नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही से हो रही मौतें हैं। राजनीतिक जिम्मेदारी पूरी तरह शून्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वे इस गंभीर स्थिति को लेकर महामहिम राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, ताकि मध्यप्रदेश की विफल शासन व्यवस्था पर केंद्र सरकार संज्ञान ले।

भागीरथपुरा जलकांड की दिलाई याद
पीसीसी चीफ ने कहा कि प्रदेश में पानी तक सुरक्षित नहीं है, जहरीले पानी से लोगों की जान जा रही है। दवाइयों की लापरवाही से 26 बच्चों की मौत होना अत्यंत दुखद और शर्मनाक है। एनजीटी की आपत्तियों के बावजूद क्रूज संचालन किया गया, जिसकी लापरवाही से 9 लोगों की जान गई। बरगी डैम से जब शव निकाले जा रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री राजभवन में लोक नृत्य देखने में व्यस्त थे। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

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जीतू पटवारी का बड़ा दावा
मप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी अंचलों में परिवहन व्यवस्था नहीं होने के कारण सड़क हादसों में लगातार आदिवासी भाइयों-बहनों की जान जा रही है। प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार और अत्याचार चरम पर है।  अगर आज मध्य प्रदेश में सर्वे करा लिया जाए, तो 10% लोग भाजपा को चुनेंगे और 90% लोग कांग्रेस को। अब भाजपा सरकार की प्रदेश से उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।

किसानों का उठाया मुद्दा
किसानों के मुद्दे पर पटवारी ने कहा कि बारिश, ओलावृष्टि और पानी भराव से किसानों का अनाज खराब हो गया। प्रदेश में 245 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन हुआ, लेकिन किसानों को मजबूरी में कम दामों पर गेहूं बेचना पड़ा। सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने मांग की कि गेहूं और धान की भावांतर राशि किसानों को तत्काल दी जाए।

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