जीतू पटवारी का सरकार पर आरोप... जनता का गुस्सा ही बीजेपी का सरकार का ‘रिपोर्ट कार्ड’

जीतू पटवारी का सरकार पर आरोप… जनता का गुस्सा ही बीजेपी का सरकार का ‘रिपोर्ट कार्ड’

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भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र जारी करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश में आपकी सरकार के मंत्रियों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ अब किसी बंद कमरे की समीक्षा बैठक में नहीं, बल्कि जनता के आक्रोश, विधायकों की नाराजगी और आपकी ही सरकार के भीतर उठे सवालों में खुलकर सामने आ रहा है।

नागर सिंह-संपत्तिया उइके विवाद
जीतू पटवारी ने कहा कि एक तरफ आपकी प्रभारी मंत्री खुद स्वीकार कर रही हैं कि अलीराजपुर में विधायक नागर सिंह चौहान का शराब कारोबार समन्वय और शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी तरफ देश की पहली “वॉटर प्लस सिटी” इंदौर में जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है और भाजपा विधायक तक सार्वजनिक कार्यक्रम छोड़कर जलसंकट पर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।

सरकार से मांगा जवाब
पीसीसी चीफ ने पूछा कि यह विपक्ष का आरोप नहीं है, यह आपकी सरकार के भीतर से निकलती हुई सच्चाई है। आप मंत्रियों से पूछ रहे हैं कि वे कितनी रातें जिलों में रुके, कितनी बैठकें कीं, कितने कार्यकर्ताओं से मिले? लेकिन जनता पूछ रही है कि कितने घरों तक पानी पहुंचा? कितनी बेटियां शराब और अपराध के डर से सुरक्षित हैं? कितने युवाओं का भविष्य नशे से बचा? कितने शहरों और गांवों में व्यवस्था बची हुई है? उन्होंने कहा कि आज हालत यह है कि जहां जनता पानी के लिए सड़कों पर है, वहां आप प्रचार में व्यस्त हैं। जहां विधायक जलसंकट पर कार्यक्रम छोड़ रहे हैं, वहां मंत्री समीक्षा की स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। जहां शराब माफिया सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे हैं, वहां प्रशासन बेबस दिखाई देता है।

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जनता का टूटा भरोसा – जीतू पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सच यह है कि भाजपा की सत्ता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। समन्वय खत्म हो चुका है। प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है। जनता का भरोसा टूट चुका है। इसलिए मंत्रियों की समीक्षा की यह ‘नौटंकी’ बंद कीजिए। जनता का गुस्सा ही आपकी सरकार का असली रिपोर्ट कार्ड है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर वास्तव में समीक्षा करनी है, तो किसानों से कीजिए, पानी के लिए भटकती महिलाओं से कीजिए, बेरोजगार युवाओं से कीजिए और उन नागरिकों से कीजिए जो हर दिन बदहाल व्यवस्था का सामना कर रहे हैं।

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