इंदौर/आई संवाद/ एक तरफ मध्यप्रदेश सरकार रोडवेज की बसों को फिर से शुरु करने की कवायद करने में लगी है, कई बार इसको लेकर घोषणाएं भी हो चुकी है, लेकिन क्या वर्तमान व्यवस्थाएं ही सरकार की कवायदों पर सवाल नहीं उठा रहे, जब एक मासूम बस की माली हालत के कारण जलकर राख बन गया, जीहां ये सच है, घटना इंदौर से ग्वालियर जा रही बस में घटी, जिसमें बस की सीट पर सवार 4 वर्षीय मासूम आग की चपेट में आने से कंकाल के रुप तब्दील हो गया, और अब उसके परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
ये थी दर्दविदारक घटना
दरअसल शाजापुर से 20 किलोमीटर दूर इंदौर से ग्वालियर जा रही इंटरसिटी बस होटल जैन पथ पर रुकी हुई थी, जिसमें शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। बस में 50 यात्री सवार थे। जिसमें से कई यात्री बाहर निकल गए थे। अचानक आग लगने के बाद कई यात्रियों को कांच तोड़कर बाहर निकाला गया। इसी दौरान शिवपुरी निवासी सीएम अभिषेक जैन का 4 वर्षीय बेटा अन्य जैन भगदड़ में नीचे फंस गया, जिससे जलने के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद बस चालक और क्लीनर मौके से फरार हो गए। बस में ना तो अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था थी, नाही कोई इमरजेंसी गेट, जिससे इतनी बड़ी घटना घट गई।
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कंपनी सचिव ने की मांग
घटना को लेकर इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा को इन्दौर शहर के समस्त चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कंपनी सचिव एवं व्यवसायिक परिवार ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें नियमों के उल्लंघन और अनफिट इंटरसिटी बस संचालन के कारण हुई मासूम की मृत्यु के मामले में ऑपरेटर्स के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई एवं परमिट निरस्तीकरण की मांग की। साथ ही परिवहन विभाग (RTO) के माध्यम से इस पूरी घटना की एक उच्च स्तरीय जांच कराई जाए कि बिना सुरक्षा मानकों के इस बस को फिटनेस सर्टिफिकेट कैसे जारी किया गया, ताकि आगे से किसी के घर का चिराग इस तरह खाक में ना मिले।










