आई संवाद/ भारतीय रसोईघर के लिए हींग एक आम मसाला है, जोकि तेज सुगंध और अनोखे स्वाद के लिए पहचानी जाती है, असफोएटिडा भी कहा जाता है। इस मसाले का उपयोग स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी किया जा सकता है, इसीलिये सालों से इस पीले मसाले का उपयोग आयुर्वेद में सदियों से होता आया है, तो जानिये इस खास मसाले के फायदे।
क्या है हींग?
हींग को फेरुला पौधे की जड़ों से निकाला जाता है, जोकि एक राल होती है, इसे पीसकर और सुखाकर मसाला तैयार किया जाता है। जिसका उपयोग रसोईघर में मसाले के रुप में किया जाता है। कच्ची हींग का स्वाद बेहद ही तीखा और गंध वाला होता है, लेकिन जब यह पकती है तो व्यंजन को स्वादिष्ट बनाने में मदद करती है। सालों से हींग का उपयोग परंपरागत रुप से आयुर्वेद और घरेलू उपचारों में पाचन संबंधी समस्याओं, श्वसन संबंधी समस्याओं और यहां तक कि मासिक धर्म की ऐंठन के लिए किया जाता रहा है।
हींग के फायदे
- पाचन शक्ति में जबरदस्त असर: हींग को पाचन के लिए वरदान माना गया है, क्योंकि इसमें ऐसे यौगिक होते हैं, जोकि पाचक एंजायमों उत्तेजित कर जठरा अग्नि को बढ़ाने का काम करते हैं। जिससे भोजन को अधिक कुशलता से पचाने में मदद मिलती है। पेट के फूलने और गैस होने पर एक चुटकी हींग का भोजन में उपयोग करने पर चमत्कारी लाभ होता है। एसिडिटी में थोड़ी मात्रा में गर्म पानी में हींग डालकर पीने से आराम मिलता है।
- श्वसन संबंधी समस्याओं में लाभकारी: सांस की तकलीफ वाले लोगों को हींग से काफी फायदा होता है। ये सूजनरोधी और रोगाणुरोधी गुणों वाली होती है, जोकि इसे श्वसन, स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बनाती हैं। खांसी और जुकाम की स्थिति में हींग, शहद और अदरक का मिश्रण गले की खराश को आराम पहुंचाता है। अस्थमा के लक्षणों को कम करने के लिए हींग के सेवन बेहद ही सहायक होता है।
- ब्लड प्रैशर नियंत्रित करने में सहायक: कई गहन अध्ययनों में पाया गया है कि हींग में मौजूद कौमारिन की वजह से रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिती है, जिससे रक्त परिसंचरण में सुधार होता है।
- महिलाओं के स्वास्थ्य में वरदान: हींग का सेवन मासिक धर्म की ऐंठन से राहत प्रदान करता है। हींग की चाय या इसे भोजन में मिलाने से मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और बेचैनी से राहत मिलती है। गर्मवती महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन की स्थिति को ठीक करने में हींग सहायता करती है।
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है: हींग में एंटीऑक्सीडेंट गुण भरपूर होते हैं, जो फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं, जिससे संक्रमण दूर करने में सहायता मिलती है।
- डायबिटीज में भी लाभकारी: प्रारंभिक शोध में पाया गया है कि हींग इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। जिससे मरीजों को लाभ मिलता है।
- सूजनरोधी और दर्द निवारक: हींग जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करती है, जिससे यह गठिया के रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद है।
हींग का सेवन करने में बरते सावधानियां
हींग का सेवन आमतौर पर सुरक्षित है, फिर भी कुछ लोगों को इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को हींग का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गर्भाशय में संकुचन की समस्या हो सकती है। रक्तस्राव संबंधी विकार से पीड़ित लोगों को हींग के रोजाना सेवन से बचना चाहिए। एलर्जी होने पर डॉक्टर से परामर्श लेना आवश्यक है।
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