भोपाल/आई संवाद/ राज्यसभा सांसद और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आम आदमी पार्टी के सांसदों के बीजेपी में जाने से नाराज नजर आए। अपने सीहोर प्रवास के दौरान दिग्विजय सिंह ने दलबदल करने वाले सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो नेता अपनी निष्ठा बदलकर भाजपा में गए हैं, उनका ‘सत्यानाश’ तय है। उनके इस बयान को कांग्रेस के उन पूर्व विधायकों पर भी तंज माना जा रहा है जोकि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में गए थे। दिग्विजय सिंह ने एक और तंज कसते हुए कहा कि सिद्धांतों और विचारधारा को छोड़कर सत्ता के लिए पाला बदलने वालों का राजनीतिक भविष्य कभी स्थायी नहीं होता।
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दिग्विजय सिंह ने किया ताकीद
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के नेताओं को ताकीद करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है और ऐसे नेताओं को समय आने पर जवाब जरूर मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो अपनी निष्ठा बदलते हैं, उनका अंत अच्छा नहीं होता। दलबदल को लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम होनी चाहिए, न कि केवल सत्ता पाने का रास्ता। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी दलों के नेताओं को अपने प्रभाव में लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर रही है।
महिला आरक्षण को लेकर भी बोले दिग्विजय
महिला आरक्षण बिल को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि उसकी नीयत साफ नहीं है। उनका कहना था कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, तो इसे तुरंत लागू करना चाहिए, न कि परिसीमन और जनगणना जैसे बहानों के पीछे छिपना चाहिए।
मौजूदा स्थिति में आरक्षण देने की बात
दिग्विजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल को जानबूझकर टाला जा रहा है। अगर नीयत साफ होती, तो यह कानून कई साल पहले ही लागू हो चुका होता। जब मौजूदा स्थिति में आरक्षण दिया जा सकता है, तो फिर देरी क्यों? उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को इसकी शुरुआत आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से करनी चाहिए। मिलाकर दिग्विजय सिंह महिला आरक्षण पर बीजेपी के कांग्रेस को घेरने के बाद कांग्रेस पार्टी का बचाव किया।
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