ग्वालियर/आई न्यूज/ मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर जारी है, ऐसे में सिंधिया खेमा सबसे ज्यादा अपेक्षाएं पाले हुए हैं, नेताओं का दर्द जुबां पर आने लगा है, जोकि खुलकर उपेक्षा के आरोप लगाने लगे हैं। इन्हीं में शामिल है ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 25 से पूर्व पार्षद एवं सिंधिया समर्थक देवेंद्र पाठक, जोकि लगातार मुखर हो रहे हैं, वो भाजपा छोड़कर कांग्रेस में जाने की बात कहते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि बीजेपी में सिंधिया के समर्थकों को उपेक्षा झेलना पड़ रही है।
देवेंद्र पाठक ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि सिंधिया खेमे से आने वाले ग्वालियर के वार्ड क्रमांक 25 से पूर्व पार्षद देवेंद्र पाठक ने भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने माधवी राजे सिंधिया की पुण्यतिथि पर उनकी छतरी पर पहुंचकर देवेंद्र पाठक ने पुष्पांजलि अर्पित की, और इस दौरान भाजपा में सिंधिया और सिंधिया समर्थकों की हालत पर खुलकर बयानबाजी की, हद तो तब गई, जब उन्होंने सिंधिया समर्थकों को पार्टी छोड़ने की सलाह तक दे डाली। जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
‘सिंधिया समर्थकों के नहीं हो रहे काम’
देवेंद्र पाठक का कहना है कि भाजपा के राज में मंत्री तुलसीराम सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत जैसे वरिष्ठ नेताओं तक के काम नहीं हो रहे हैं और मुख्यमंत्री भी उनकी बात नहीं सुन रहे। उन्होंने कहा कि इस बार निगम-मंडलों में भी सिंधिया समर्थकों को जगह नहीं मिली है, इसीलिये सिंधिया समर्थक मंत्रियों को इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया का वजन कम करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पदों का लालच नहीं करना चाहिए। इस्तीफा देकर अपनी ताकत दिखानी चाहिए।
सिंधिया के प्रति दिखाई प्रतिबद्धता
पूर्व पार्षद देवेंद्र पाठक ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए कहा कि मैं पार्षद होकर नहीं डरा मैंने इस्तीफा दिया तो ये लोग क्यों डर रहे हैं। सब महाराज का दिया हुआ है। महाराज ने हमें बहुत कुछ दिया है। पदों का लालच नहीं करना चाहिए। सबको मिलकर इस्तीफा देना चाहिए। सरकार को भी महाराज की ताकत का पता चल जाएगा, कि सिंधिया कितने ताकतवर हैं। वहीं अब आने वाले वक्त में पाठक की बगावत के बाद बीजेपी को डैमेज कंट्रोल के लिए मशक्कत करना पड़ सकती है।
सिंधिया खेमे में मची उठापटक… कांग्रेस में जा सकता है ये समर्थक!









