उज्जैन/आई संवाद/ बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है, पहले महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया, और अब उन पर महाकाल मंदिर की जमीन हड़पने का आरोप लगा है। आरोप है कि आलोट से बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने सरकारी जमीन को निजी बताकर उसका सौदा किया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि संबंधित खसरा नंबर पुराने राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि के रूप में दर्ज थे।
फाइव स्टार होटल निर्माण पर सवाल
शिकायतकर्ता पार्षद राजेंद्र कुवाल का आरोप है कि महाकाल मंदिर की पार्किंग की जमीन पर फाइव स्टार जमीन तानने की तैयारी थी। जिस कंपनी ने जमीन को खरीदा है, उसके डायरेक्टर और साझेदार में विधायक चिंतामणि मालवीय का नाम दर्ज है, जबकि विवादित जमीन के कुछ हिस्सों पर अब भी महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की गाड़िया पार्किंग की जाती है। अन्य आरोप में बताया कि कमर्शियल जमीन को कृषि भूमि दिखाकर रजिस्ट्री कराई गई। कलेक्टर गाइडलाइन के मुताबिक जमीन की कीमत 75,400 रुपये प्रति वर्गमीटर बताई गई थी, जबकि रजिस्ट्री में 22,500 रुपये प्रति वर्गमीटर दर्शाए गए। जिससे स्टांप ड्यूटी में भी बड़ा हेरफेर किया गया है।
लोकायुक्त, EOW में शिकायत, हाईकोर्ट में याचिका
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) और प्रदेश के मुख्य सचिव से की गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है, जिसमें पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। जिससे आने वाले वक्त में विधायक चिंतामणि मालवीय की चिंताएं और भी बढ़ सकती है।
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विधायक और मंदिर प्रशासन की सफाई
विधायक चिंतामणि मालवीय ने आरोपों को दरकिनार करते हुए कहा कि जमीन की रजिस्ट्री वैध दस्तावेजों के आधार पर हुई है। वहीं महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति के प्रशासक का कहना है कि पार्किंग की जमीन नगर निगम की है, मंदिर की नहीं। इसी बीच विधायक ने सोशल मीडिया पर शायराना पोस्ट के जरिए कहा कि ‘वो अपने हाथ का पत्थऱ बदलते रहते हैं, इधर भी अहले जुनूं सर बदलते रहते हैं, ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा-ए-दौलत, किराएदार हैं सब घर बदलते रहते हैं।‘
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