नई दिल्ली/आई संवाद/ अटल-आडवाणी युग के बाद बीजेपी का वर्तमान में मोदी-शाह युग चल रहा है, इस वक्त में भगवा ब्रिगेड को ऐसी ऊर्जा मिली है, कि वो हर राज्य में अपने झंडे गाड़ रही है। कहा जा रहा है कि अब भाजपा हर आंकड़ें को चुनौती दे सकती है, क्योंकि जिस तरह से लोकसभा में बीजेपी ने 300 पार के मिथक को पार करके दिखाया है, वो आने वाले वक्त. में कई आयाम छु सकती है, उसी तरह से राज्यसभा में भी पार्टी अपने पुराने सारे रिकॉर्ड को पार कर सकती है।
राज्यसभा में अब ऐतिहासिक स्तर पर भाजपा
आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के बीजेपी में विलय के बाद भाजपा पार्टी के राज्यसभा में 113 सांसद हो गए हैं। अगर सात मनोनीत और दो निर्दलीय (दिलीप रे-कार्तिकेय शर्मा) को मिला लिया जाए तो बीजेपी बिना सहयोगी दलों के ही बहुमत के आंकड़े 123 से केवल एक दूर नजर आ रही है। अगर बीजेपी में बंगाल फतह कर लिया तो उसके बाद परिस्थितियां और भी अलग हो जाएगी, चूंकि उच्च सदन में बीजेपी हमेशा से कमजोर रही है।
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कांग्रेस के पास था उच्च सदन में बहुमत
आंकड़ों पर गौर करें तो, आखिरी बार 1988 में कांग्रेस को राज्यसभा में अकेले अपने दम पर बहुमत था, यानी पिछले चालीस साल में कोई भी दल अपने बूते राज्य सभा में बहुमत के नजदीक नहीं पहुंचा। अब बीजेपी धीरे-धीरे वहां तक पहुंच रही है। बीजेपी का टारगेट है कि उच्च सदन को पार करने के बाद आगामी लोकसभा चुनाव में फिर से पुराने प्रदर्शन को दोहराया जाए।










