भोपाल/आई संवाद/ एक तरफ मध्यप्रदेश कांग्रेस पार्टी की आवाज को मजबूती देने के लिए टैलेंट हंट का सहारा ले रही है, दूसरी तरफ बीजेपी ने अभी से नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी है। इसमें नए चेहरों की तलाश की जा रही है, ताकि पार्टी में युवा नेतृत्व पार्षद स्तर पर भी दिखाई दे। इसके लिए योग्य उम्मीद्वार की खोजबीन की प्रक्रिया एक साल पहले से शुरु कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि चयन प्रक्रिया के जरिए योग्य व्यक्तियों को पार्टी इशारा कर देगी, ताकि वो अभी से अपने वॉर्ड में सक्रिय भूमिका में आ जाए।
तीन बार के पार्षदों पर चलेगी कैंची!
आगामी निकाय चुनाव में 60 वर्ष अधिक आयु के नेताओं और लगातार तीन बार के पार्षद रह चुके नेताओं को टिकट देने की संभावना बेहद ही कम है। सोशल मीडिया पर सक्रियता, फॉलोअर्स की संख्या और डिजिटल जुड़ाव की तरफ भी ध्यान दिया जाएगा। बता दें, अगले साल 2027 में नगरीय निकाय प्रस्तावित है, जिसमें क्लीन स्वीप के इरादे से बीजेपी गुजरेगी।
प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे चुनाव
पिछले चुनाव की तरह इस बार भी नगरीय निकाय चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाएंगे। साल 2022 के नगरीय निकाय चुनाव में 16 नगर निगमों में 5 में से कांग्रेस और 1 पर आम आदमी पार्टी का महापौर विजयी हुआ था। इसके अतिरिक्त अन्य नगर पालिकाओं और नगर परिषदों में बीजेपी ने अपना परचम लहराया था। इन निकायों में अध्यक्ष के चुनाव पार्षदों के जरिए कराए गए थे। अबकी बार सरकार ने व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया है। अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली यानी जनता सीधे मतदान के जरिए चुनाव करेगी। सीटों पर आरक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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सर्वे का लिया जाएगा सहारा
नगरीय निकाय चुनाव में बीजेपी अधिक से अधिक नए प्रत्याशी उतारने की तरफ जोर दे सकती है, क्योंकि उनकी जीत की संभावना अधिक जताई जाती है, इसीलिये संगठन के फीडबैक के साथ सर्वे का सहारा भी लिया जाएगा। इसके लिए जिला प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं, वो अपने-अपने जिलों में युवाओं को चिन्हित करें, ताकि ऐसे युवाओं को निचले स्तर पर मंच देकर पार्टी की गतिविधि को नवीन रुप दिया जा सके। वहीं चयन का आधार निर्विवाद और बेदाग चेहरा भी होगा।
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