मध्यप्रदेश की नई तबादला नीति 2026... मंत्रियों के हस्तक्षेप को किया कम!

मध्यप्रदेश की नई तबादला नीति 2026… मंत्रियों के हस्तक्षेप को किया कम!

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MP Transfer Policy 2026: भोपाल/आई संवाद/ मध्यप्रदेश में कुछ दिन में सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी, जिसको लेकर माना जा रहा है कि 20 मई के आसपास नई तबादला नीति 2026 लागू कर दी जाएगी। सरकार ने अबकी बार जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप को कम करने का फैसला लिया है, जिसके तहत वे थोकबंद अनुशंसा नहीं कर पाएंगें। सिफारिशों की जांच करने के साथ पारदर्शिता के लिए फीडबैक का कॉलम भी रहेगा। कर्मचारियों से तबादले में आई परेशानी के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया होगी लागू
सीएम डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच चर्चा के बाद कई पैरामीटर तय किए गए हैं। इन्हें नई तबादला नीति 2026 में जोड़ा जाएगा। अफसरों को नए सिरे से काम पर लगा दिया गया है। इस बार सबसे खास बात यह रहेगी कि तबादलों में इस बार ऑफलाइन कुछ भी नहीं होगा,  पिछली बार की कमियों को दूर करने के लिए ऑनलाइन आवेदन ही मान्य होंगे, ताकि पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाए।

ये हो सकती है नई तबादला नीति 2026

विभागीय मंत्री और प्रभारी मंत्री की भूमिका
विभागीय मंत्री एक से दूसरे जिले में तबादलों से जुड़े आवेदनों पर निर्णय ले सकेंगे, और ऑनलाइन तरीके से ही तबादला योग्य पाए जाने पर ऑनलाइन तरीके से सिफारिस करेंगे। प्रभारी मंत्री जिले के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर तबादलों पर निर्णय ले सकेंगे, आवेदनों की जांच करने के साथ पिछली हिस्ट्री के बारे में जानकारी खंगालेंगे।

कुल कर्मचारियों की संख्या का रखा जाएगा ख्याल
विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे कुल कर्मचारियों में से 10 से लेकर 20 फीसदी कर्मचारियों में से ही तबादला करने का ध्यान रखेंगे। एक कर्मचारी को समायोजित करने के लिए अगले 2 या 10 कर्मचारियों को प्रभावित न करना पड़े। किसी भी विभाग में 50 फीसदी से ज्यादा कर्मचारी दूसरे स्थान से ना आएं, ताकि काम में किसी प्रकार की देरी ना हो, क्योंकि अनुभवी कर्मचारियों का विभाग में होना बेहद जरुरी है।

तबादलों में सुनवाई का मिलेगा वक्त
तबादला नीति 2026 में बीते साल की तुलना में 10 से 15 दिन का कम वक्त मिल सकता है, क्योंकि पिछली बार 1 मई से नई तबादला नीति लागू कर दी गई थी। तबादले 31 मई तक होने थे, लेकिन ये 14 जून तक किए जाते रहे। इस बार तबादले से असंतुष्ट कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों की आपत्तियों को सुना जाएगा, जिसके लिए 10 दिन का वक्त मिल सकता है।

तबादला नीति में यह भी खास
यदि पति-पत्नी एक ही स्थान पर सेवाएं दे रहे हैं तो उनके साथ रहने की सुरक्षा की जाएगी, अन्य स्थान पर पति-पत्नी के सेवा देने पर एक ही स्थान पर सेवाएं देने का प्रयास किया जाएगा। दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को तबादलों में पूरी प्राथमिकता दी जाएगी। बीमार शासकीय सेवकों को लेकर उनके परिवार की स्थिति के संबंध में जानकारी जुटाकर निर्णय लिया जाएगा।

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