नई दिल्ली/आई संवाद/ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर बीजेपी और आरएसएस को घेरने का प्रयास किया, उन्होंने आरोप लगाया कि उनका संदेश स्पष्ट है कि स्वतंत्र पत्रकारिता को दंडित किया जाएगा और सरकार के हिसाब से चलने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। जिसको लेकर उन्होंने विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की गिरती साख का भी जिक्र किया, और विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की स्थिति 2014 से लगातार गिरी है।
खड़गे ने साधा संघ पर निशाना
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि संघ परिवार ने समाचार कक्षों को चुप कराने के लिए कानूनी ढांचों का ”हथियार” के रूप में तेजी से इस्तेमाल किया है। खड़गे ने कहा कि देश को इस कठोर और निर्विवाद वास्तविकता का सामना करना होगा कि भाजपा के शासन में 2014 से विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में भारत की स्थिति लगातार गिरकर 157वें स्थान पर पहुंच गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि, ‘सही अर्थ में स्वतंत्र प्रेस का काम सरकार की बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना या उसकी नाकामियों को छिपाना नहीं होता। उसका काम सत्ता से सवाल करना, सत्ता की पड़ताल करना और पद पर बैठे लोगों को जवाबदेह ठहराना है।
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पत्रकार सार्वजनिक सत्य के संरक्षक – खड़गे
खड़गे ने कहा कि मीडिया सत्ता और लोगों के बीच लोकतांत्रिक संतुलन को बनाए रखता है। पत्रकार सार्वजनिक सत्य के संरक्षक होते हैं। पंडित नेहरू ने कहा था, प्रेस की स्वतंत्रता केवल एक नारा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक आवश्यक गुण है। मौजूदा शासन में यह आवश्यक गुण गंभीर रूप से कमजोर हुआ है। खरगे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, संघ परिवार ने समाचार कक्षों को चुप कराने के लिए कानूनी ढांचों को हथियार के रूप में तेजी से इस्तेमाल किया है।
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