इंदौर/आई संवाद/ इंदौर को उसके स्वाद के नाम से पहचाना जाता है, पीएम मोदी तक ने शहर की तारीफ स्वाद की राजधानी के रुप में की थी, किसी भी त्यौहार पर भंडारे का दौर प्रदेश की इस आर्थिक राजधानी में देखने को मिल जाता है, लेकिन फिर भी कुपोषण मुक्त इंदौर नहीं बन पाया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने चिंता जाहिर करते हुए बैठक बुलाई। जिसमें कुपोषण मुक्त इंदौर बनाने का प्लान तैयार किया गया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुलाई बैठक
इंदौर शहर अपने खान-पान और भोजन-भंडारे के लिए प्रसिद्ध है, फिर भी कुपोषण को खत्म करने के नाम पर शहर अब भी नंबर वन नहीं हो पाया है, जिसके चलते कलेक्टर शिवम वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कुपोषण मुक्त इंदौर कार्ययोजना की बैठक बुलाई, जिसमें कुपोषण से शहर को मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया गया।
बैठक में बनी खास रणनीति
कलेक्टर शिवम वर्मा की बुलाई बैठक में आगामी महीने में इंदौर जिले में कुपोषित बच्चों को चिन्हित करना, और कुपोषण से मुक्ति दिलाना मुख्य उद्देश्य है। इस कार्य में आंगनवाड़ी के माध्यम से बच्चों की रोजाना स्क्रीनिंग करने के साथ उनका उपचार किया जाएगा। जिन बच्चों का वजन कम है, उनको उचित आहार मुहैया कराकर कुपोषण से मुक्त कराया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
कलेक्टर शिवम वर्मा की बुलाई बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन पंवार, अपर कलेक्टर रोशन राय, मुख्य कार्यापालन अधिकारी जिला पंचायत सिद्धार्थ जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी रजनीश सिन्हा, डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. शैलेंद्र जैन समेत समस्त अधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल में बढ़ा गौरव रणदीवे का दबदबा… अपने साथियों को दिलाया बड़ा पद










