नई दिल्ली/आई संवाद/ आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों को बड़ी राहत मिली है, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सातों बागी सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी है। जिसके चलते बीजेपी के सांसदों की संख्या बढ़कर 106 से 113 हो गई है। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर 10 से घटकर 3 रह गई है।
बीजेपी ने अपने सांसदों में किया शामिल
आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजेंद्र गुप्ता अब पूरी तरह से बीजेपी के सांसदों में गिने जाएंगे। राज्यसभा की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी इन सांसदों को BJP के सदस्यों के रूप में दिखाया गया है। जिसके चलते इन सांसदों के चेहरे पर खुशी साफतौर पर देखने को मिली। वहीं उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी खुद को बीजेपी सांसद बताया।
AAP की मांग को किया खारिज
आम आदमी पार्टी ने सभापति से सातों बागी सांसदों की सदस्यता खत्म करने की मांग की थी। संजय सिंह ने भी लेटर लिखकर उन्हें दलबदल कानून के उल्लंघन करने की बात कही थी। जिसके चलते उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। वहीं अब आम आदमी पार्टी की तरफ से बयान आया है कि AAP ने एडवोकेट कपिल सिब्बल और लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी अचारी सहित कई संवैधानिक विशेषज्ञों से सलाह ली है। कपिल सिब्बल के अनुसार संविधान की 10वीं अनुसूची के मुताबिक सबसे पहले पार्टी को प्रस्ताव पास करके दूसरी पार्टी विलय करना पड़ेगा। कोई भी सांसद दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते।
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