आई संवाद/इंदौर/ मध्यप्रदेश की सियासत में एक युवा सितारा तेजी से उभर रहा है, बीजेपी आलाकमान का भी भरपूर साथ मिल रहा है, जिसकी झलक एक बार फिर देखने को मिली, जब इंदौर की सियासत से निकलकर उसे राजधानी भोपाल में पार्टी ने बड़े पद से नवाजा, जीहां हम बात कर रहे हैं, इंदौर बीजेपी के सपूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदीवे की, जिन्होंने अपने काम के दम पर बीजेपी प्रदेश महामंत्री का पद पाया, और उसके बाद अपने साथियों को भी पार्टी में अहम पद दिलाया।

मानसिंह, धीरज, महेश को पहुंचाया भोपाल
बीजेपी ने कुछ दिन पहले तीन प्रकोष्ठों के संयोजकों की घोषणा की, जिसमें इंदौर को दो पद मिल गए। धीरज खंडेलवाल को व्यापारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई, तो महेश पालीवाल को भी शिक्षक प्रकोष्ठ का प्रदेश संयोजक बनाया गया। इसमें खास पहलू ये है कि यह दोनों ही नेता प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे के समर्थक माने जाते हैं, और उनके नगर अध्यक्ष रहते उनकी टीम में हुआ करते थे, जिसके पीछे माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान के सामने रणदीवे ने ही पैरवी कर इन दोनों नेताओं को भोपाल का रास्ता तय कराया, बता दें कि पूर्व में भी रणदीवे की टीम के सदस्य रहे मानसिंह यादव ने खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक का पद पाया है।

कौन है धीरज खंडेलवाल ?
धीरज खंडेलवाल राज्य के सबसे बड़े किराना बाजार सियागंज के अध्यक्ष हैं, जोकि गौरव रणदीवे के अध्यक्षीय कार्यकाल में व्यापारी प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष थे। बीत दिनों उन्होंने 5 हजार व्यापारियों को एक मंच पर लाकर अपनी ताकत दिखा दी थी, साथ ही पूर्व में वो कई बड़े आयोजन कर अपनी ताकत दिखा चुके हैं, जिसके चलते पार्टी ने अब गौरव रणदीवे के इस साथी को भोपाल की सियासत में ला दिया।

कौन है महेश पालीवाल?
इंदौर की भगवा सियासत का महेश पालीवाल पुराना नाम है, वे देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर चुके हैं। महेश पालीवाल अब प्रदेश के शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बनाए गए हैं। वे भी गौरव रणदीवे के नगर अध्यक्षीय कार्यकाल में शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला संयोजक के रूप में भी काम कर चुके हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क प्रमुख के रूप में काम कर चुके पालीवाल हिंदू जागरण मंच के विभाग संयोजक भी रहे हैं। इसके अलावा पूर्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में पहले उन्हें कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया और बाद में नगर मंत्री बनाए गए, वहीं अब वे बीजेपी शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बनाए गए हैं।











