आई संवाद/इंदौर/ भोपाल प्रदेश की राजधानी है, जहां पर कद बढ़ना, पद मिलना अपने आप में सबसे अहम होता है, और बात अगर सत्ताधारी दल की हो, तो वो अपने आप में महत्वपूर्ण होता है। इंदौर के बीजेपी के नेताओं के लिए अब भोपाल का रास्ता तय करना कुछ इसी तरफ इशारा कर रहा है, क्योंकि एक के बाद एक इंदौर के बीजेपी नेताओं को पंडित दीनदयाल भवन में अहम पदों पर बैठाया जा रहा है, जोकि सियासत की बदलती फिजाओं की तरफ इशारा कर रहा है।

गौरव रणदीवे, निशांत खरे से हुई थी शुरुआत
भोपाल में बीजेपी नेताओं की बड़े पदों पर आमद गौरव रणदीवे, निशांत खरे से हुई, इंदौर बीजेपी के नगर अथ्यक्ष के रुप में सफलतम कार्यकाल के दम पर रणदीवे को सीधे-सीधे प्रदेश महामंत्री बना दिया गया, साथ ही बुंदेलखंड के महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई, उन्होने इस दौरान सागर के कद्दावरों की अदावत को बेहद ही सुंदर तरीके से खत्म कराया, लंच पॉलिटिक्स के जरिए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनका भरपूर ढंग से साथ दिया, इसी तरह पूर्व सीएम शिवराज की पसंद के रुप में निशांत खरे भी प्रदेश की कार्यकारिणी में जगह बनाने में सफल रहे, उनका आदिवासियों के बीच कराया जाने वाला काम भी पद दिलाने में अहम भूमिका के रुप में काम आया।

मोर्चा, प्रकोष्ठ में इंदौरी नेता बने अध्यक्ष
बीजेपी के प्रदेश स्तरीय मोर्चा, प्रकोष्ठ में भी इंदौर के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा गया, जिसकी शुरुआत सबसे पहले जयपाल सिंह चावड़ा को किसान मोर्चा, भगवान परमार को अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाकर की गई। उसके बाद नियुक्तियों के सिलसिले में मानसिंह यादव को खेल प्रकोष्ठ का, धीरज खंडेलवाल को व्पापारी प्रकोष्ठ, महेश पालीवाल को शिक्षक प्रकोष्ठ का संयोजक नियुक्त किया गया है, उन्हें जल्द प्रदेश टीम और जिला संयोजकों की नियुक्ति करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि उनकी टीम मैदान में उतरकर बीजेपी के लिए काम करे।

आखिर किसकी चली?
बीजेपी में मोर्चा प्रकोष्ठ में नियुक्तियों के मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पसंद ही सबसे ऊपर रही, हालांकि उनके नाम पहुंचाने के मामले में बीजेपी प्रदेश महामंत्री गौरव रणदीवे की पसंद ज्यादा नजर आ रही है, क्योंकि उनके इंदौर नगर अध्यक्षीय कार्यकाल में ही मानसिंह यादव, धीरज खंडेलवाल बीजेपी के प्रकोष्ठ के नगर संयोजक थे, जिन्हें सीधे प्रदेश में जिम्मेदारी देकर रणदीवे की गुड लिस्ट की तरफ इशारा कर दिया, क्योंकि इन नेताओं ने नगर की जिम्मेदारी के दौरान बेहतर ढंग से काम किया था।










